Monday, April 27, 2026
सड़क अर्जुनी

भीषण गर्मी में ठंडे पानी के लिए तरस रहे नागरिक, सड़क अर्जुनी नगरपंचायत की लापरवाही उजागर

सुशिल लाडे…

सड़क अर्जुनी, दि.27/4/26 — भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। ऊपर ये 44 डिग्री सेल्सियस के गर्मी ने तो लोगोंका जीना बहुत ही मुश्किल कर दिया है। उधर शासन लोगोंको गर्मी से बचने के उपाय बता रही है। जिलाधिकारी गोंदिया द्वारा जनता भीषण गर्मी में अपना ख्याल रखने का सलाह दी जा रही है। जिलेंका तापमान लगातार बढ़ रहा है।

जनसुविधा के लिए शासन से नगर पंचायत को हर साल लाखों करोड़ों रुपए आते है। ताकि जनता को बेहतर सुविधा मिल सके। जल ही जीवन है नारा देने वाले शासन क्या? सिर्फ नारे तक ही सीमित है!?। शहर के कही वाटर आरो बंद पड़े है या उनमें ठंडा पानी नहीं आ रहा।  ऐसे में आम नागरिकों को राहत देने के लिए सड़क अर्जुनी नगर पंचायत के लगाए गए आरओ (RO) जल केंद्र खुद ही बंद पड़े हैं ऐसी जानकारी मिल रही है।

ठंडे और स्वच्छ पानी की सुविधा के अभाव में लोग प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। बता दे कि, बाजार चौक वार्ड नंबर 7 का आरो दो साल से ठंडे पानी के बगैर चल रहा है वहां के स्थानिक दुकानदार ने बताया है कि, दो साल से आरो में ठंडा पानी नहीं आ रहा । नगर पंचायत ध्यान नहीं दे रही है। कही बार नगर पंचायत के लोग प्रतिनिधि, और कर्मचारी आके देख के चले गए।

बाजार चौक वार्ड नंबर ७ का आरो बगैर ठंडे पानी के चल रहा है।

हैरानी वाली बात यह है कि, शेंडा मार्ग में बस स्टॉप है, स्थानिक बजार दुकान ( शब्जी मंडी) लगाने वाले कही दुकानदार रहते है। शनिचर बाजार, बुधवार बाजार, गुजरी में आने वाले नागरिक तथा आवागमन करने वाले यात्री वहां रहते है, बड़े शासकीय कार्यालय है कही लोग येही रस्ते से गुजरते है। बढ़ती भीषण गर्मी में ठंडे पानी की जरूरत हर इंसान को होती है ऐसे में नगर पंचायत ने यह आरो और नगर के सारे आरो को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की मांग जनता कर रही है।

बता दे कि, सड़क अर्जुनी नगर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगाए गए आरओ प्लांट या तो खराब स्थिति में हैं या फिर कई दिनों से बंद पड़े हैं। या उनमें ठंडा पानी नहीं आ रहा है। गर्मी के इस संकट काल में जब हर किसी को ठंडे पानी की आवश्यकता है, तब नगरपंचायत की यह लापरवाही नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि “सरकार और प्रशासन केवल योजनाओं की घोषणा करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका कोई असर नजर नहीं आता। आरओ प्लांट केवल शोपीस बनकर रह गए हैं।”

नागरिकों ने नगरपंचायत से मांग की है कि तत्काल बंद पड़े आरओ जल केंद्रों को शुरू किया जाए और नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि इस भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।

अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है। अब सवाल यह है कि क्या नगरपंचायत नागरिकों की प्यास बुझाने के लिए जागेगी या यूं ही लोग परेशान होते रहेंगे?

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